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शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद बोले- राम मंदिर चढ़ावा चोरी में कोषाध्यक्ष को बचाया जा रहा है
- दैनिक लोक भारती
- 01 Jul, 2026
पीलीभीत एक जुलाई। पीलीभीत में बुधवार को शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पीलीभीत पहुंचे। पुरनपुर से होते हुए वे पीलीभीत नगर में एक बारात घर में पहुंचे। कार्यक्रम स्थल पर उनका समझ के वरिष्ठजनों धर्मावलम्बियों,साधु संतों और सपा तथा कांग्रेसियों के अलावा किसान यूनियन ने पुष्प वर्षा करके स्वागत किया। इसके अतिरिक्त मार्ग में भी कई स्थानों पर भी स्वागत हुआ।
दोपहर को पहुंचे शंकराचार्य ने भाजपा सरकार और विशेषकर योगी आदित्य नाथ और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के विरुद्ध तल्ख़ टिप्पणियां की। योगी के प्रति वे अत्यंत आक्रोशित थे,ये उनके संबोधन से साफ हुआ। राम मंदिर के ज्वलंत और चर्चित प्रकरण चंदा चोरी पर मीडिया से वार्ता में उन्होंने कहा कि इस मामले में ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष को बचाया जा रहा है।
शंकराचार्य ने सरकार पर भी निशाना साधकर
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को साजिश करार देते हुए कहा कि इस मामले में कोषाध्यक्ष को बचाने में सभी लगे हुए है। मंदिर का मुकदमा लड़ने वाले पक्षकारों को दरकिनार किया गया। मंदिर निर्माण का पहला हक वरिष्ठ धर्माचार्यों का था। सरकार ने 13 करोड़ रुपये के ट्रस्ट से प्रमुख आचार्यों को हटा दिया। केंद्र सरकार ने अपने खजाने से एक रुपया भी नहीं दिया।
उसके मन में सत्ता का छल कपट है। वेद पुराणों में पहले ही गाय को राष्ट्रामाता घोषित किया जा चुका है। आजादी के बाद से मुसलमानों पर गौ हत्या आरोप मढ़ा जा रहा है। गाय को पशु बताने वालों की खुद पशु बुद्धि है। सरकार ने मेरी यात्रा प्रभावित करने का प्रयास किया। शंकराचार्य ने कहा कि मुख्यमंत्री नाथ संप्रदाय से आते हैं। उन्हें सत्ता की कुर्सी पर नहीं बैठना चाहिए। नाथ संप्रदाय को उनका विरोध करना चाहिए। जो गाय को माता मानते हैं, वह आपस में भाई बहन हैं। गौसरंक्षण करने वाले को वोट देने को कहा। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र में गौशाला बनाने के लिए सभी से एक नोट के रुप में सहयोग करने की अपील की। चंदा एकत्र करने के लिए कार्यक्रम संयोजक राजीव अग्रवाल टीटी के नियुक्त की सार्वजनिक घोषणा उन्होंने मंच से शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद 81 दिवसीय गोरक्षा एवं धर्मयुद्ध यात्रा के लिए भ्रमण पर निकले है। शंकराचार्य ने गो माता को पशु सूची से बाहर निकालने की मांग की। उन्होंने कहा कि गोमाता को राष्ट्र माता का सम्मान दिया जाए। गोसेवा को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया। लोगों को संकल्प दिलाया कि गो माता को राष्ट्र माता का दर्जा देने वाली पार्टी को ही सरकार में लाएंगे।
पीलीभीत में शंकराचार्य ने कहा कि गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने के लिए विधानसभाओं की यात्रा शुरू की। उन्होंने गौ संरक्षण की शपथ दिलाते हुए कहा कि सरकार गाय को राष्ट्रमाता घोषित नहीं कर रही है, जबकि दूसरे धर्म के लोग भी इसका समर्थन कर रहे हैं। वे लखनऊ में इसके लिए एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित करेंगे।
गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने के लिए विधानसभाओं की यात्रा पर निकले शंकराचार्य बुधावार की सुबह पूरनपुर पहुंचे। एक होटल में हुए कार्यक्रम में उन्होंने गौसरंक्षण की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि दूसरे धर्म के लोग भी गाय को राष्ट्रमाता घोषित करने के समर्थन में हैं। इसके बावजूद सरकार गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा नहीं दे रही है। विधानसभाओं की यात्रा पूरी करने के बाद शंकराचार्य लखनऊ में इसके लिए विशाल कार्यक्रम करेंगे।
पुरनपुर में अपनी वैनिटी वैन से उतरते ही शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने गाय की पूजा की और गुड़ खिलाया। आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा गाय के नाम पर सत्ता में आई भाजपा सरकार उसे राष्ट्रमाता घोषित नही कर रही हैं।
पीलीभीत में मंच से संबोधन के दौरान स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने उनको चुनौती देने वाले नाथ संप्रदाय के लोगों को कहा की वह उनसे शास्त्रार्थ करने और चुनौती स्वीकार करने के लिए यहां प्रतीक्षारत है वे चाहे तो हमसे आकर शास्त्रार्थ कर सकते हैं उन्होंने कहा कि शास्त्र के अनुसार गाय को पूजनीय माता के रूप में माना गया है। शास्त्र के आधार पर शास्त्रार्थ करने के लिए हमें उनकी चुनौती स्वीकार है।
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